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राग विशारद (हिंदी) भाग १
Author: लक्ष्मीनारायण गर्ग
Publisher: संगीत कार्यालय
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Price: $20.56 (~760 Pages)*
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Synopsis:
राग विशारद भाग पहला (प्रथम वर्ष से अष्टम वर्ष तक का क्रियात्मक कोर्स)
भातखंडे संगीत महाविद्यालय, गान्धर्व महाविद्यालय मंडल प्रयाग संगीत-समिति, प्राचीन कलाकेन्द्र, इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
एवं अम्बेडकर, दयालबाग, इलाहाबाद, मंगलायतन, रुहेलखण्ड, श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, पंजाब, पंजाबी, हिमाचल प्रदेश, कुरुक्षेत्र, रोहतक, गढ.वाल, अमरावती, गुरुकुल कअॅंगड.ई, कुमाऊअॅं, मेरठ, दिल्ली, कानपुर, अवध, गोरखपुर, झअॅंसी, बनारस, मिथिला, बिहार, पटना, भागलपुर, मगध, रअॅंची, वर्द्धमान, कलकत्ता, मणिपुर, उत्कल, रीवअॅं, रायपुर, जबलपुर, बिलासपुर, सागर, भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, उज्जैन, जोधपुर, जयपुर, कोल्हापुर, वनस्थली, सौराष्ट्र, बड.औदा, नागपुर, मराठवाड.अ, पूना और मुम्बई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमानुसार
अनुक्रम
प्राक्कथन संगीत का शास्त्रीय परिचय
संगीत, दक्षिण व उत्तर-पद्धति, नाद, नाद का छोटा-बड.अपन, नाद की जाति अथवा गुण, नाद की ऊअॅंचाई-नीचाई ९; स्वर, सप्तक, स्थान सप्तक में तीव्र तथा कोमल स्वर १०; सप्तक में बारह स्वर, ठाठ ११; रागों के तीन भेद १२; अलंकार, वादी, संवादी, अनुवादी एवं विवादी १३; स्वर मालिका, लक्षण गीत, खयाल, धुवपद, धमार, स्थायी अंतरा, संचारी एवं आभोग, आश्रय राग १४; वक्र स्वर,, पकड., मात्रा व लय, ठाठ भेद, ठाठोत्पत्ति-प्रकार १५; जाति राग १७; राग-संख्या १८; प्राचीन राग-रागिनी व्यवस्था, पूर्व राग व उत्तर राग १९; संधिप्रकाश राग २०; गायकों के गुणावगुण २१; शुद्ध छायालग व संकीर्ण राग-वर्गीकरण २३; ग्रह, अंश वं न्यास स्वर, गीत, गान्धर्व २४; गान, देशी संगीत, निबद्ध व अनिबद्ध गान २५; रागालाप, रागलक्षण २६; बहुत्व, अल्पत्व २७; जाति का लक्षण २८; रूपकालाप, आलप्ति, आविर्भाव व तिरोभाव २९; स्थाय, स्वरस्थान ३०; मुखचालन, आक्षिप्तिका, प्रचलित आलाप गान ३१; तान ३३; उत्तर भारत के गीत, ध्रुवपद ३५; खयाल ३७;
टप्पा, ठुमरी ३८; होरी, गज.ल, तराना ३९; चतुरंग, सरगम, वाग्गेयकार ४०
दक्षिणोत्तर स्वर-तुलना ४३
आधुनिक अथवा 'लक्ष्य' संगीत ४४
यूरोपियन सप्तक ४४; हिन्दुस्तानी संगीत-पद्धति के सर्वसाधारण नियम ४५; राग-सम्बन्धी ध्यान में रखने योग्य महत्त्वपूर्ण बातें ४८; हिन्दुस्तानी संगीत-पद्धति की ठाठ संख्या, राग का सायंप्रातर्गेयत्व ४९; संधि प्रकाश राग ५१; सांयगेय और प्रातर्गेय रागों का सम्बन्ध, इन्द्रप्रस्थ मत ५२; रागों की रंजकता कैसे बढ.ई जाए, राग-विस्तार कैसे किया जाए ५४; सम प्राकृतिक रागों में उच्चार का महत्त्व, मन्द्र-गायन, स्वरलिपि और उसके उपयोग की मर्यादा ५६; अंतरमार्ग, आदत, जिगर, हिसाब, गीत-रचना ५८
मध्यकाल में रागों का वर्गीकरण ६०
राग की व्याख्या तथा उसमें आए हुए 'स्वर' और 'वर्ण', शब्दों का महत्त्व ६०; जाति गान, रागालाप ६१; वादी-संवादी, राग गायन का अर्थ क्या है, आवाज. का अभ्यास तथा तानालाप ६२; सर्वसाधारण श्रोताओं पर रागदारी संगीत का उचित परिणाम क्यों नहीं होता ६३; संगीत में शब्दों का महत्व ६४; राग और रस ६५; रागदारी में सांसारिक जीवन का दिग्दर्शन ६७; संगीत जीवी वर्ग, वाग्गेयकार, कलावंत (कलाकार) ६८; संगीत-शिक्षक ६९; संगीत-शास्त्रकार ७०; आवाज.-धर्म के अनुसार विद्यार्थियों के वर्ग ७१
मारवा यह ७३
मारवा ठाठ के राग (११), उत्तर व दक्षिण के संगीत-ग्रन्थ ७३
तान और प्रस्तार ७५
तान ७५; प्रस्तार, प्रस्तार-सिद्धान्त ७७; खण्डमेरु ७९; खण्डमेरु की आकृति ८०; खण्डमेरु के प्रयोग द्वारा तान-ज्ञान ८१
पअॅंच हज.अर चालीस स्वर-प्रस्तार ८३
एक स्वर वाले अर्थात आर्चिक स्वर-प्रस्तार, दो स्वर वाले अर्थात गाथिक स्वर प्रस्तार, तीन स्वर वाले अर्थात सामिग स्वर-प्रस्तार ८३; चार स्वर वाले अर्थात स्वरान्तर स्वर प्रस्तार ८४
स्वर प्रस्तार से पलटे बनाना ८८
केवल एक स्वर-प्रस्तार से हज.अरों पलटे बनाने की रीति ८८; मध्यम के कुछ प्रस्तार ८९
स्वराभ्यास के लिए ५० अलंकृत पलटे ९३
५०० रागों का स्वरूप-विवरण ९७
प्राचीन ग्रन्थों में राग और संगीत रत्नाकर' का रागविवेकाध्याय १२६
नाम की अन्वर्थता, गीतियअॅं और पंचविध ग्राम-राग १२७; ग्राम-राग वर्गीकरण १२९; देशी राग-वर्गीकरण १३३; राग-लक्षण १३५; मार्ग' और 'देशी' का सम्बन्ध राग-रागिणी-परम्परा का मूल १३८; राग-रागिणी-वर्गीकरण-पद्धति १३९; राग-रागिणी-वर्गीकरण का आधार १४०; राग-रागिणी-वर्गीकरण के विभिन्न मत १४०; राग-रागिणी-वर्गीकरण और रागध्यान-परम्परा १४१; राग ध्यानों का स्वरूप रोग ध्यानों के चित्र १४२
राग-रागिनी-वर्गीकरण १४३
संगीत-दर्पण, शिवमत के ६ राग, हनुमन्मत के ६ राग १४३
प्राचीन राग-रागिनियों का अभिनव रूप १४९, हनुमन्मत के अनुसार राग-रागिनियअॅं और उनके पुत्र व पुत्रवधुएअॅं १५१
प्राचीन पद्धति में राग-परिवार १५४
संगीत के पारिभाषिक शब्द १५५
सितार १६८
सितार के तार, सितार के बोल १६७
तानपूरा १६९
बेला (Vइओलिन ) १७०
तार तथा उन्हें मिलाना १७१
इसराज १७२
वाद्यों का वर्गीकरण १७४
संगीत के कुछ महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ १७५
अभिनव राग मंजरी, आवाज. सुरीली कैसे करें, कथक नृत्य, गीत-सूत्रसार, चतुर्दण्डिप्रकाशिका; तबले का उद्गम, विकास और वादन शैलियअॅं; तालप्रकाश एवं सितार मालिका, नगमाते आसफी, नाट्यशास्त्र, बृहदेशी १७५, मआदनुल मौसीकी, मानकुतूहल, राग कल्पद्रुम, रागमाला, राधागोविन्द संगीत सार, स्वमेल कलानिधि, संगीत दर्पण, संगीत विशारद १७६ , संगीत शास्त्र, संगीत चिन्तामणि एवं भरत का संगीत सिद्धान्त, संगीत मकरन्द, संगीत पारिजात, संगीत रत्नाकर, संगीत समयसार, हमारे संगीत रत्न, हिन्दुस्तानी संगीत पद्धति तथा क्रमिक पुस्तक मालिका १७७
संगीत के प्रमुख घराने १७८
कंठ-संस्कार १७९
भारतीय परम्परा १७९, पाश्चात्त्य परम्परा १८१, म्लोटिस की विभिन्न अवस्थाएअॅं १८५, स्वर-यंत्र की रचना १८६, स्वर-यंत्र की ऊपरी दृश्य १८७
राग-निर्माण और स्वर-रचना के सिद्धान्त १९१
स्व-रचना के सिद्धान्त १९२
भारत के शास्त्रीय नृत्य १९५
कथकलि, कथक, भरतनाट्यम , मणिपुरी, संगीतज्ञ के गुण-अवगुण १९५
सरल एवं शास्त्रीय संगीत की तुलना १९६
रवीन्द्र संगीत १९७
कवि गुरु रवीन्द्रनाथ की वंशावली १९८; रवीन्द्र-संगीत का विश्लेषण २००; रवीन्द्रसंगीत का आधार, रवीन्द्र-संगीत का हिन्दी रूपान्तर, रवीन्द्र-संगीत के प्रकार २०२; रवीन्द्र-संगीत में ताल या छन्द २०४; रवीन्द्र-संगीत की विशेषताएअॅं २०६
शास्त्रीय संगीत और लोक संगीत २१०
नायक-गायक आदि के भेद २१२
उत्तम वाम्गेयकार २१३; मध्यम और अघम वाम्गेयकार २१४
गायों के गुण-अवगुन २१५
गायकों के गुण २१६; गायक के अवगुण २१७
भारत के संगीत २२०
संगीतकार
अल्लादिया खअॅं, अल्लारखा खअॅं २२; अमीर हुसैन खअॅं, अनोखेलाल, अहमद जान थिरकवा २२१; अमीर खअॅं, अयोध्याप्रसाद २२२; अमीर खुसरो, अब्दुलकरीम खअॅं २२३; अलाउद्दीन खअॅं, अलीअकबर खअॅं २२५; ओंकारनाथ ठाकुर २२६; इनामअली, इनायत खअॅं २२७; एन० राजम, कृष्णराव शंकर पंडित २२८; कुमार गन्धर्व २३०; करामतुल्ला खअॅं, किशन महाराज, किशोरी अमोणकर २३१; गोपाल नायक, जयदेव २३२; जाकिर हुसैन २३३; तानसेन २३४; नत्थू खअॅं, नाना पानसे २३६; डी०वी० पलुस्कर, स्वामी पागलदास २३८; फैयाज. खअॅं, बड.ए गुलामअली खअॅं २३९; पं० बाचा मिश्र, बालकृष्ण बुआ इचलकरंजीकर २४०; बिस्मिलाह खअॅं, बीरू मिश्र, बैजू बावरा, पं० भीमसेन जोशी २४१; मसीत खअॅं, मुश्ताकअली खअॅं २४२; रज.अ खअॅं, रविशंकर २४३; रवीन्द्रनाथ टैगोर २४४; पंडित रामसहाय २४५; विनायकराव पटवर्धन, पं० विष्णुनारायण भातखण्डे २४६; पं० विष्णुदिगम्बर पलुस्कर २४७; विलायत खअॅं, सदारंग-अदारंग २४८; शाङ्गदेव २४९; श्रीकृष्णनारायण रातांजनकर २५०; हद खअॅं २५१; हस्सु खअॅं २५२; स्वामी हरिदास २५३
शास्त्रकार २५५
अहो बल, कल्लिनाथ २५५; दत्तिल, दामोदर २५६; नारद-१, नारद-२ २५७; पाश्र्वदेव, पी० साम्बमूर्ति २५८; भरत, मतंग २६१; मानसिंह तोमर २६२; मुहम्मद करम इमाम २६४; रामामात्य, ललन पिया २६५; लोचन २६६; व्यंकटमखी, शाङ्गदेव २६७; श्रीनिवास, सोमनाथ २६८; सौरीन्द्रमोहन ठाकुर २६९
नृत्यकार २७४
अच्छन महाराज २७४; उदय शंकर २७५; कृष्णन कुट्टी (कथकलि नर्तक-गुरु) २७९; कालिकाप्रसाद, गौरीशंकर २८०; झण्डे खअॅं २८१; ठाकुर प्रसाद, पार्वती कुमार २८२; बाल सरस्वती २८३; गुरु बिपिनसिंह २८४; रुक्मिणीदेवी अरुण्डेल २८५; लच्छू महाराज, वैपटि चिन्न सत्यम २८६; शंकरन नम्बूदरीपाद २८७; शम्भू महाराज २८९
भारत का लोक संगीत २९१
प्रचलित तालें २९५
फिल्मी गीतों में प्रयुक्त राग ३००
शास्त्रीय राग ३०६
अंजनी तोड.ई ३०६; राग अडाणा ३०९; राग अल्हैया बिलावल ३२४; राग अहीर भैरव ३४४; राग आनंद भैरव ३४९; राग आभोगी ३५२; राग आभोगी कानड.अ ३५७; राग आरभी ३५९; राग आसावरी ३६२; राग उत्तरी गुणकली ३७६; राग कलावती ३७८; राग कामोद ३८०: राग कामोद नट ३३३; राग कालिंगड.अ ३९६; राग काफी ४०५; राग काफी कान्हड.अ ४१६; राग कुकुभ ४२७: राग केदार ४३४; राग केदार नाट ४५०; राग कोमल देशी ४५२; राग कौशिक कानड.अ अथवा कौंसी ४५४; राग खट ४५८; राग खम्बावती ४६९; राग खमाज ४७४; राग गांधारी ४८९; राग गारा ४९६; राग गुर्जरी तोड.ई ५०१; राग गुणकली ५०३; राग गुणकली या गुणक्री ५०७; राग गोपिका बसंत (गोपी बसंत) ५१०; राग गोरख कल्याण ५१५; राग गौड. ५२०; राग गौड. मल्लार ५२४; राग गौड. सारंग ५३९; राग गौरी (पूर्वी ठाठ) ५५३; राग गौरी (भैरव ठाठ) ५६१; राग चन्द्रकांत ५६६; राग चन्द्रकस ५६९; चंचलसस मल्लार ५७२; चरजू की मल्लार ५७४; राग चअॅंदनी केदार ५७६; चारु केशी ५८३; राग छाया ५८५; राग छायानट ५८७; राग छाया तिलक ६०१; राग जंगला ६०३; राग जंगूला ६०८; राग जयजयवंती ६१०; राग जलधर अथवा जलधर केदार ६२५; राग जेतश्री या जेताश्री ६२७; राग जैत अथवा जेत ६३४; राग जैतकल्याण ६३८; राग जोग ६४५; राग जोगकौंस ६४७; राग जोगिया ६४९; राग जौनपुरी ६५५; राग झिंझोटी ६७४; राग झीलफ ६८२: राग टंकी अथवा श्रीटंक ६९०; राग तिलंग ६९४; राग तिलक कामोद ७००; राग तोड.ई ७१०
चीज., राग, ताल, लय के अनसार अकारादिक्रम सूची ७३५
चिह्न-परिचय ७४५

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